G-INews, New Delhi: भारत में अपनी जड़ें जमाने के लिए British Universities अपने कोर्स लेकर भारत आ रही हैं। Oxford और Cambridge जैसी University में पढ़ाई करना ज्यादातर लोगों का सपना है। उनका यह सपना अब आसानी से पूरा हो सकता है। ब्रिटेन यानी यूके सरकार की नई ‘एक्सपोर्ट स्ट्रैटेजी’ के तहत अब भारतीय छात्रों को लंदन या मैनचेस्टर जाने के बजाय अपने ही देश में विश्व स्तरीय शिक्षा मिलने वाली है। भारत में दस्तक दे रही प्रमुख ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज की सूची और उनका विवरण इस प्रकार है।
भारत में ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज: नई शुरुआत (2025-26)वर्तमान में, यूके की कई टॉप यूनिवर्सिटीज भारत के GIFT City (गुजरात) और NCR (दिल्ली) को अपना बेस बना रही हैं।
1. यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्प्टन (University of Southampton)
यह भारत में अपना स्वतंत्र कैंपस स्थापित करने वाली पहली विदेशी यूनिवर्सिटी बन गई है।
कैंपस लोकेशन: गुरुग्राम (NCR)
प्रमुख कोर्सेज: बिजनेस एंड मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, और लॉ (LLB)।
खासियत: इसकी डिग्री यूके कैंपस के बराबर मानी जाएगी और छात्र विनिमय (Exchange) कार्यक्रम के तहत कुछ समय यूके में भी पढ़ सकेंगे।
2. यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो (University of Glasgow)
भारत के प्रमुख संस्थानों के साथ साझेदारी कर यह यूनिवर्सिटी ‘डुअल डिग्री’ प्रोग्राम पर फोकस कर रही है।
प्रमुख कोर्सेज: हेल्थ साइंसेज, इंजीनियरिंग, और सस्टेनेबिलिटी स्टडीज।
साझेदारी: आईआईटी (IITs) और प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों के साथ।
3. एस्टन यूनिवर्सिटी (Aston University)
यह यूनिवर्सिटी तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए जानी जाती है।
प्रमुख कोर्सेज: एमबीए (Global MBA), साइबर सिक्योरिटी, और एआई (AI)।
लक्ष्य: कामकाजी पेशेवरों (Working Professionals) के लिए हाइब्रिड मॉडल पर शिक्षा देना।
भारतीय छात्रों के लिए 3 बड़े फायदे
लागत में 50-60% की कमी: विदेश में रहने का खर्च (Living Cost) बच जाएगा, जो अक्सर ट्यूशन फीस से भी ज्यादा होता है।
यूके डिग्री की ग्लोबल वैल्यू: भारत में पढ़ाई करने के बावजूद डिग्री पर ‘University of UK’ की मुहर होगी, जो अंतरराष्ट्रीय नौकरियों के द्वार खोलेगी।
हाइब्रिड अनुभव: कई यूनिवर्सिटीज ‘2+1 मॉडल’ (2 साल भारत में, 1 साल यूके में) दे रही हैं, जिससे छात्र को दोनों देशों का अनुभव मिल सके।






