परिवार के लोगों से नहीं हुई फोन पर बात तो दोस्तों ने हास्टल में की तलाश –
राजस्थान के अजमेर का रहने वाला था बीटेक का छात्र, फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की
GIN Kanpur : साॅरी एवरीवन का नोट लिखकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में बायोलाजिकल इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र ने पहले अपने हाथ की नस काटी और बाद में फंदा लगाकर जान दे दी। आईआईटी प्रशासन और कल्याणपुर थाना पुलिस ने जांच पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, छात्र की आखिरी बार रविवार रात में अपने भाई सिद्धार्थ से फोन पर बात की थी। फोरेंसिक ने उसे कब्जे में ले लिया। वर्ष 2025 में आईआईटी में तीन छात्र व एक साफ्टवेयर डेवलपर ने आत्महत्या की है। राजस्थान के अजमेर अवधपुरी निवासी 26 वर्षीय जय सिंह आईआईटी कानपुर में बायोलाजिकल इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र थे। वह संस्थान के हास्टल नंबर दो के कमरा नंबर 148 में सहपाठी के साथ रहते थे। पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह छात्र के स्वजन ने उसके मोबाइल फोन पर कई बार काल की, लेकिन काल रिसीव नहीं हुई, जिस पर उन्होंने सहपाठी को काल कर जय के बारे में पूछा, पर उसने छुट्टी पर घर आ जाने की जानकारी दी। इसके बाद सहपाठी ने अन्य साथी को हास्टल भेजकर पता करने को कहा। साथी छात्र जब हास्टल के कमरे में पहुंचे और कई आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। खिड़की से झांकने पर जय सिंह का शव एक पाइप के सहारे चादर से लटका दिखा। इसकी जानकारी संस्थान प्रशासन को दी गई। आईआईटी प्रशासन की सूचना पर कल्याणपुर थाना पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। छात्र ने फंदा लगाने से पहले बाएं हाथ की कलाई की नस भी काटी थी। वहीं, जांच के दौरान नोटबुक के एक पेज पर सारी एवरीवन लिखा मिला। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि शव लगभग 12 घंटे पुराना लग रहा है। घटना की जानकारी स्वजन को दे दी गई है। मंगलवार सुबह तक तक वह यहां आ सकते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वजन से जानकारी के बाद आत्महत्या के कारणों का पता लग सकेगा। छात्र के पिता गौरीशंकर मीणा का निधन हो चुका है। परिवार में बड़ा भाई सिद्धार्थ मीणा और मां हैं।






