IIT KANPUR में 2 साल में आठ आत्महत्या, कहां है गड़बड़ी ?

GIN, Kanpur। iitk आईआईटी कानपुर में एक बार फिर आत्महत्या की घटना ने संस्थान की काउंसलिंग और छात्र सहयोग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीटेक छात्र जयसिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वह पढ़ाई के दबाव में था। संस्थान प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जयसिंह की एकेडमिक रिपोर्ट तलब की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं अकादमिक तनाव, ईयर बैक की आशंका या अन्य कारण इस दुखद कदम के पीछे तो नहीं थे।जानकारी के अनुसार जयसिंह ने वर्ष 2020 में बीटेक के बायोलॉजिकल सांइसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग में दा​​खिला लिया था। चार साल का कोर्स 2024 में पूरा हो जाना चाहिए था। सूत्रों का कहना है कि कुछ विषयों में उसकी स्थिति कमजोर चल रही थी और ईयर बैक लगने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, संस्थान प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पुलिस और प्रशासन दोनों ही एकेडमिक और मानसिक पहलुओं की गहन जांच कर रहे हैं।यह घटना वर्ष 2025 में आईआईटी कानपुर में चौथी मौत है। इससे पहले तीन छात्र और एक सॉफ्टवेयर डेवलपर आत्महत्या कर चुके हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या संस्थान की काउंसलिंग व्यवस्था वास्तव में जरूरतमंद छात्रों तक पहुंच पा रही है।आईआईटी प्रशासन का दावा है कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संस्थान में नौ प्रोफेशनल काउंसलर नियुक्त हैं, जिनमें मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक दोनों शामिल हैं, जो 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। इसके साथ ही 24 घंटे चलने वाली ऑनलाइन हेल्पलाइन, प्रीवेंशन ऑफ इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण, डी-एडिक्शन क्लीनिक और हर 30 स्नातक छात्रों पर एक फैकल्टी एडवाइजर की व्यवस्था की गई है।इसके बावजूद जयसिंह की मौत ने इन सभी व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते 22 महीनों में संस्थान में सात आत्महत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अक्तूबर 2025 में बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र धीरज सैनी ने भी आत्महत्या की थी। आईआईटी कानपुर के डीन ऑफ एकेडमिक्स अफेयर्स प्रो. अशोक डे ने कहा कि निदेशक के मेल के माध्यम से घटना की जानकारी मिली है। छात्र के एकेडमिक्स की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अभी इस संबंध में कुछ कहा नहीं जा सकता।

कुछ प्रमुख आत्महत्याएं

19 दिसंबर 2023 : शोध सहायक स्टाफ डॉ. पल्लवी चिल्का 10 जनवरी 2024 : एमटेक छात्र विकास मीणा18 जनवरी 2024 : पीएचडी छात्रा प्रियंका जायसवाल10 अक्टूबर 2024 : पीएचडी छात्रा प्रगति10 फरवरी 2025 : पीएचडी रिसर्च स्कॉलर अंकित यादव25 अगस्त 2025 : सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी01 अक्तूबर 2025 : बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र धीरज सैनी

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