पांंच बिंदुओं में जानिए The India-AI इम्पैक्ट समिट 2026 क्यों है महत्वपूर्ण
G-INews, New Delhi । राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित आयोजन स्थल Bharat Mandapam में 16–20 फरवरी 2026 तक आयोजित The India-AI इम्पैक्ट समिट 2026 भारत ही नहीं, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। यह पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन है, जिसकी मेजबानी किसी ग्लोबल साउथ देश द्वारा की जा रही है।यह समिट तीन प्रमुख स्तंभों—People (लोग), Planet (पृथ्वी) और Progress (प्रगति)—पर आधारित है और इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से समावेशी और सतत विकास को गति देना है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह समिट?
1️⃣ ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मंचAI तकनीक पर अब तक विकसित देशों का वर्चस्व रहा है। ऐसे में भारत द्वारा इस स्तर का सम्मेलन आयोजित करना यह दर्शाता है कि विकासशील देश भी AI नवाचार और नीति निर्माण में नेतृत्व कर सकते हैं।

2️⃣ जलवायु संकट के समाधान में AI की भूमिकाभारत जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों—चक्रवात, बाढ़, सूखा, समुद्र-स्तर वृद्धि—का सामना कर रहा है। समिट में AI आधारित समाधान जैसे उन्नत चक्रवात पूर्वानुमान, बाढ़ चेतावनी प्रणाली और ग्राम पंचायत स्तर तक मौसम जानकारी की पहुंच को प्रदर्शित किया जा रहा है।India Meteorological Department (IMD) द्वारा उन्नत ड्वोराक तकनीक और AI मॉडल के जरिए चक्रवात की सटीक भविष्यवाणी की जा रही है।
3️⃣ गांव-गांव तक मौसम पूर्वानुमानमई 2025 में शुरू की गई Bharat Forecasting System 6 किमी उच्च-रिज़ॉल्यूशन के साथ गांव स्तर तक 10 दिन पूर्व तक का मौसम पूर्वानुमान देती है। इससे किसान, आपदा प्रबंधन एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन बेहतर तैयारी कर पा रहे हैं।
4️⃣ मजबूत AI अवसंरचनाभारत ने 22 पेटाफ्लॉप्स क्षमता वाले हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम स्थापित किए हैं, जिनका एक हिस्सा विशेष रूप से AI अनुसंधान के लिए समर्पित है। यह निवेश दिखाता है कि भारत केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि AI तकनीक का निर्माता और नवप्रवर्तक बनना चाहता है।
5️⃣ शिक्षा, अनुसंधान और सहयोगदेश के प्रमुख संस्थान—IIT Madras, IIT Bombay, और Indian Space Research Organisation (ISRO)—AI आधारित जलवायु मॉडलिंग, बाढ़ पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन पर काम कर रहे हैं। समिट इन प्रयासों को वैश्विक सहयोग से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है।

भारत के लिए क्या संदेश?
The India-AI इम्पैक्ट समिट 2026 यह संदेश देता है कि भारत तकनीक को केवल आर्थिक विकास के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए भी उपयोग करना चाहता है।2070 तक नेट-ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में बढ़ते हुए भारत AI को जलवायु लचीलापन, सतत कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और आपदा पूर्वानुमान का महत्वपूर्ण उपकरण बना रहा है।
निष्कर्ष
भारत मंडपम में आयोजित यह समिट केवल एक तकनीकी सम्मेलन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक पहल है जो भारत को AI-आधारित जलवायु समाधान में वैश्विक नेतृत्व की पंक्ति में खड़ा करती है।ग्लोबल साउथ के देशों के लिए यह मंच यह साबित करता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद, तकनीकी नवाचार और सामूहिक सहयोग से सतत भविष्य का निर्माण संभव है।
“IIT Madras Develops Smarter Regenerative Braking System for EVs






