G-INews, NewDelhi : तकनीकी शिक्षा में भारतीय सांस्कृतिक विरासत का समावेश करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर ने eKalakaar के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत “क्रिएटिव लीडरशिप” (Creative Leadership) नामक एक विशिष्ट अंतःविषय पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा, जो पूरी तरह से भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) पर आधारित होगा।कला और प्राचीन ज्ञान से विकसित होगा ‘लीडरशिप’यह 30 घंटे का अनूठा पाठ्यक्रम संस्थान के IKS विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पारंपरिक क्लासरूम थ्योरी से हटकर भारतीय प्रदर्शन कलाओं (Performing Arts) को अनुभवजन्य माध्यम (Experiential Medium) के रूप में उपयोग करेगा।इस पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों में निम्नलिखित गुणों को विकसित किया जाएगा
:सृजनात्मकता (Creativity) और नवाचार (Innovation)भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence)वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयारीगहन शोध और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन”क्रिएटिव लीडरशिप” पाठ्यक्रम का डिजाइन उद्योग जगत के नेताओं, आईकेएस विद्वानों और पारंपरिक कलाकारों के साथ व्यापक परामर्श के बाद तैयार किया गया है।
विशेषज्ञ फैकल्टी: इस कोर्स का संचालन उद्योग के प्रमुख पेशेवरों और आईकेएस विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।अकादमिक रूपरेखा: शुरुआत में इसे समर कोर्स (Summer Course) के रूप में लॉन्च किया जाएगा, जिसे भविष्य में नियमित शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की योजना है।साझेदारी की मुख्य विशेषताएं:सांस्कृतिक जड़ें: आधुनिक नेतृत्व शिक्षा को भारत की प्राचीन बुद्धिमत्ता के साथ जोड़ना।कला आधारित शिक्षा: दुर्लभ और पारंपरिक कला रूपों के माध्यम से सॉफ्ट स्किल्स और टीम वर्क सिखाना।उद्योग संरेखण: पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि यह वर्तमान कॉर्पोरेट जगत की जरूरतों को पूरा कर सके।IIT खड़गपुर की यह पहल छात्रों को न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगी, बल्कि उन्हें एक संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व प्रदान करने के लिए सांस्कृतिक रूप से भी सशक्त करेगी।
‘स्टूडेंट गाइड’ और प्रश्नोत्तरी (FAQ) :: आईआईटी खड़गपुर ‘क्रिएटिव लीडरशिप’ कोर्स(भारतीय ज्ञान प्रणाली और कलाओं के माध्यम से भविष्य के लीडर बनें)अगर आप अपनी तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ अपनी Emotional Intelligence और Leadership को एक नए स्तर पर ले जाना चाहते हैं, तो यह कोर्स आपके लिए है।
कोर्स की मुख्य विशेषताएं (At a Glance)
कुल अवधि: 30 घंटे (इंटेंसिव लर्निंग)।
विभाग: भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) विभाग, IIT खड़गपुर।
पार्टनर: eKalakaar (कला और कॉर्पोरेट जगत का सेतु)।
फॉर्मेट: समर कोर्स (Summer Course) के रूप में शुरुआत।
आप इस कोर्स में क्या सीखेंगे?
(Key Modules)आईकेएस और नेतृत्व (Leadership in IKS): चाणक्य नीति, भगवद गीता और प्राचीन भारतीय दर्शन से प्रबंधन के सूत्र।
कला से नवाचार (Innovation through Arts): भारतीय लोक और शास्त्रीय कलाओं के माध्यम से ‘Out-of-the-box’ सोचने की कला।
इमोशनल इंटेलिजेंस: कठिन परिस्थितियों में धैर्य और निर्णय लेने की क्षमता का विकास।
कॉर्पोरेट रेडिनेस: आज के वैश्विक बाजार (Industry 4.0) की चुनौतियों के लिए प्राचीन भारतीय समाधान।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या यह केवल कला (Arts) के छात्रों के लिए है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं! यह विशेष रूप से इंजीनियरिंग, प्रबंधन और विज्ञान के छात्रों के लिए बनाया गया है ताकि वे अपनी सॉफ्ट स्किल्स और नेतृत्व क्षमता को ‘होलिस्टिक’ (समग्र) रूप से विकसित कर सकें।
Q2. इस कोर्स को करने का करियर में क्या फायदा होगा?
उत्तर: आज की कंपनियां ऐसे लीडर्स की तलाश में हैं जो न केवल कोडिंग या डेटा जानते हों, बल्कि जिनमें सहानुभूति (Empathy), टीम वर्क और क्रिएटिव प्रॉब्लम सॉल्विंग जैसे गुण हों। यह कोर्स आपको एक ‘यूनिक’ प्रोफाइल प्रदान करेगा।
Q3. क्या इसमें कोई प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होगी?
उत्तर: हाँ, इसमें ‘हैंड्स-ऑन’ ट्रेनिंग और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) दी जाएगी। यह पारंपरिक बोरिंग लेक्चर्स जैसा नहीं होगा।
Q4. कोर्स के प्रशिक्षक (Instructors) कौन होंगे?
उत्तर: देश के जाने-माने उद्योग विशेषज्ञ (Industry Leaders) और भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) के प्रतिष्ठित विद्वान आपको प्रशिक्षित करेंगे।
पंजीकरण (Registration) कैसे करें?
इच्छुक छात्र IIT खड़गपुर के IKS विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या संस्थान के आंतरिक पोर्टल पर जाकर आगामी समर सत्र के लिए पंजीकरण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रो टिप: यह एक ‘सीमित सीटों’ वाला कोर्स है, इसलिए अपडेट्स के लिए विभाग के बुलेटिन बोर्ड पर नजर रखें!
स्लग:
अगला कदम: क्या आप इस कोर्स के मॉड्यूल या पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी वाली एक ‘स्टूडेंट गाइड’ तैयार करवाना चाहेंगे?






