उच्च शिक्षा 2030 पर हुआ गहन मंथन
शिक्षा केवल रोजगार नहीं, सर्वांगीण विकास का माध्यम: डॉ. अतुल कोठारी
G-INews,KANPUR : शहर के ऐतिहासिक विक्रमाजीत सिंह सनातन धर्म (VSSD) कॉलेज में 21 जनवरी 2026 को 105वां संस्थापक दिवस समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। संस्थापक राय बहादुर विक्रमाजीत सिंह की दूरदर्शी विरासत को याद करते हुए, कॉलेज के प्रार्थना सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों और गणमान्य अतिथियों ने भारतीय मूल्यों और वैश्विक मानकों के समन्वय पर जोर दिया।

बैरिस्टर नरेन्द्रजीत सिंह स्मृति व्याख्यान: उच्च शिक्षा 2030समारोह के मुख्य वक्ता डॉ. अतुल कोठारी (राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली) ने “उच्च शिक्षा 2030: भारतीय मूल्य, वैश्विक प्रतिमान” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा:”शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का साधन है। हमें अपनी सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को आधुनिक वैश्विक आवश्यकताओं के साथ जोड़ना होगा।”
कुलपति प्रो. विनय पाठक ने दिया नवाचार का मंत्र :

मुख्य अतिथि प्रो. विनय कुमार पाठक (कुलपति, CSJMU) ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर बल देते हुए कहा कि संस्थानों को अब आलोचनात्मक चिंतन, पारदर्शिता और नवाचार (Innovation) को अपनी मूल कार्यप्रणाली में शामिल करना चाहिए।
प्रमुख विमोचन और सम्मान कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की उपलब्धियों को दर्शाती एक ऑडियो-विजुअल डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। साथ ही, शैक्षणिक जगत के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया:

YATI (यति): अंतरराष्ट्रीय शोध जर्नल।The Reflections: कॉलेज का न्यूज लेटर।वार्षिक कैलेंडर: वर्ष 2026 का आधिकारिक कैलेंडर। संस्थापक दिवस के अवसर पर प्रबंध समिति ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानित कर उनके वर्षों के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
प्रबंध समिति की सचिव सीए नीतू सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कॉलेज की अनुशासन और मूल्य आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो. नीरू टंडन ने सभी का आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में संयोजक प्रो. आनंद शुक्ला और सह-संयोजक अंशु सिंह सेंगर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






