G-INews, KANPUR : अपनी अकादमिक उत्कृष्टता के लिए विश्वविख्यात भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने एक बार फिर शिक्षा और कला के अद्भुत संगम को प्रस्तुत किया है। संस्थान के छात्र नाट्य क्लब ‘फुर्सत मंडली’ ने सेंटर फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड टीचिंग एक्सीलेंस (CERTEX) के सहयोग से अपने वार्षिक नाटक के रूप में अन्ना ज़िग्लर के प्रसिद्ध नाटक “फोटोग्राफ 51” का सफल मंचन किया।

विज्ञान और रंगमंच का अनूठा मेल
पिछले तीन वर्षों से जारी इस अनूठी परंपरा का उद्देश्य जटिल वैज्ञानिक खोजों को नाट्य माध्यम से छात्रों और जनमानस तक पहुँचाना है। इस वर्ष का नाटक डीएनए (DNA) की ‘डबल हेलिक्स’ संरचना की खोज के पीछे के संघर्ष और महत्वपूर्ण योगदानों पर केंद्रित था।
नाटक के मुख्य बिंदु:रोसलिंड फ्रैंकलिन का योगदान:

नाटक में वैज्ञानिक रोसलिंड फ्रैंकलिन के जीवन और उनके द्वारा ली गई ऐतिहासिक एक्स-रे तस्वीर ‘फोटो 51’ के महत्व को प्रमुखता से दिखाया गया। कहानी में फ्रैंकलिन सहित विभिन्न वैज्ञानिकों के बीच डीएनए संरचना को समझने की होड़ और क्रिक व वॉटसन द्वारा उनकी खोज के उपयोग को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अनिल रस्तोगी (Dr. ANIL RASTOGI -Bollywood fame)थे। डॉ. रस्तोगी न केवल सीडीआरआई, लखनऊ के पूर्व वैज्ञानिक और नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज के फेलो हैं, बल्कि भारतीय रंगमंच की एक दिग्गज हस्ती भी हैं। डॉ. रस्तोगी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2023 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और हाल ही में वर्ष 2026 में पद्म श्री (padam shri Anil Rastogi) से सम्मानित किया गया है।
एक निरंतर सफर
संस्थान की यह पहल तीन वर्ष पूर्व शुरू हुई थी :प्रथम वर्ष: क्वांटम मैकेनिक्स पर आधारित नाटक “कोपेनहेगन” का पहला हिंदी रूपांतरण प्रस्तुत किया गया।वर्ष 2025: एलन ट्यूरिंग के जीवन पर आधारित “ब्रेकिंग द कोड” का सफल मंचन हुआ।

वर्तमान वर्ष: “फोटोग्राफ 51” के माध्यम से जीव विज्ञान और रसायन शास्त्र के रहस्यों को उजागर किया गया। इस 90 मिनट की प्रस्तुति का आनंद लेने के लिए आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur)के छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ-साथ सीएसजेएमयू (CSJMU) कानपुर की संगीत एवं नाट्य अकादमी के सदस्य और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


यह आयोजन न केवल मनोरंजन का केंद्र बना, बल्कि इसने ‘शिक्षा में नवाचार’ के महत्व को भी रेखांकित किया।






