Indian Institute of Technology Madras के शोधकर्ताओं ने विकसित की स्मार्ट रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग तकनीक, EV की दक्षता में बड़ा सुधार


G-INews, KANPUR
: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उनकी ड्राइविंग रेंज और ऊर्जा दक्षता को बेहतर बनाना सबसे बड़ी चुनौती है। इसी दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT मद्रास) के शोधकर्ताओं ने एक नई विश्लेषणात्मक (Analytical) तकनीक विकसित की है, जो रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग (Regenerative Braking) को अधिक स्मार्ट और प्रभावी बनाती है।
इंजीनियरिंग डिज़ाइन विभाग की शोधकर्ता सुश्री एम. के. दीपा, प्रो. श्रीकांतन श्रीधरन और प्रो. शंकर सी. सुब्रमणियन की टीम ने EV के ट्रैक्शन मोटर सिस्टम में लो-स्पीड कटऑफ पॉइंट (LSCP) को सटीक रूप से निर्धारित करने की नई विधि प्रस्तुत की है। LSCP वह सीमा होती है जिसके नीचे रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग प्रभावी नहीं रह जाती।

क्या है इस तकनीक की खासियत?


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहां कई संस्थान रियल-टाइम AI और जटिल सेंसर आधारित प्रणालियों का उपयोग कर रहे हैं, वहीं IIT मद्रास की टीम ने ऑफलाइन विश्लेषणात्मक गणना पद्धति अपनाई है। इससे ब्रेकिंग विंडो का विस्तार संभव हुआ. ट्रैक्शन ड्राइव लॉस (ऊर्जा हानि) में कमी आई.
अतिरिक्त सेंसर और जटिल AI सिस्टम की आवश्यकता नहीं रही


लागत और सिस्टम जटिलता दोनों कम हुए


शोधकर्ताओं ने एक मजबूत लॉस मिनिमाइजिंग एल्गोरिद्म (LMA) भी विकसित और सत्यापित किया है, जो मोटर पैरामीटर में बदलाव को ध्यान में रखता है। इससे अलग-अलग ड्राइविंग परिस्थितियों में भी सिस्टम की विश्वसनीयता बनी रहती है।


कितनी हुई दक्षता में वृद्धि?


अध्ययन के अनुसार:
मॉडिफाइड इंडियन ड्राइविंग साइकिल (MIDC) में 13% तक सिस्टम लॉस में कमी
यूएस EPA हाईवे साइकिल में 7% तक लॉस में कमी
विशेष रूप से कम टॉर्क और उच्च गति की परिस्थितियों में इस तकनीक ने बेहतर प्रदर्शन दिखाया।


क्यों है यह शोध महत्वपूर्ण?


रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग EV की ऊर्जा पुनर्प्राप्ति (Energy Recovery) का मुख्य आधार है। यदि इसमें सुधार होता है तो:
वाहन की ड्राइविंग रेंज बढ़ती है
बैटरी पर दबाव कम होता है
थर्मल प्रदर्शन बेहतर होता है
संचालन लागत घटती है
IIT मद्रास की यह तकनीक खासतौर पर भारत जैसे उभरते EV बाजार के लिए उपयोगी हो सकती है, जहां किफायती और कम जटिल समाधान की आवश्यकता है।
यह शोध दर्शाता है कि उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग विश्लेषण के माध्यम से भी बिना महंगे AI सिस्टम के, वैश्विक स्तर की दक्षता हासिल की जा सकती है।
स्मार्ट ब्रेकिंग, लंबी रेंज और बेहतर EV प्रदर्शन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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