IIT KANPUR में ‘जीत बिंद्रा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का उद्घाटन: स्पेशलिटी केमिकल्स के क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार को मिलेगी नई उड़ान​

G-INews, KANPUR : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में ‘जीत बिंद्रा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेशलिटी केमिकल्स’(Jeet Bindra Centre of Excellence in Speciality Chemicals – JBCoESC) का भव्य उद्घाटन किया गया। यह सेंटर न केवल अनुसंधान और नवाचार को गति देगा, बल्कि सस्टेनेबल और हाई-परफॉर्मेंस केमिकल्स (advancing research, innovation & sustainability in speciality chemicals) की वैश्विक मांग के बीच भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।​

केंद्र के उद्घाटन अवसर पर ( बाएं से )प्रोफेसर जयंत कुमार सिंह जगजीत सिंह बिंद्रा और निदेशक प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल

विजनरी लीडर: जगजीत सिंह बिंद्रा

इस सेंटर की स्थापना संस्थान के 1969 बैच के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र जगजीत सिंह बिंद्रा (जीत बिंद्रा) के सहयोग और विजन का परिणाम है। जीत बिंद्रा वैश्विक ऊर्जा और कॉर्पोरेट जगत का एक बड़ा नाम हैं।​उन्होंने चेवरॉन (Chevron) जैसी वैश्विक कंपनी में ‘प्रेसिडेंट ऑफ ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग’ जैसे उच्च पदों पर कार्य किया है।​ अपनी जड़ों से जुड़े बिंद्रा ने हमेशा शिक्षा और तकनीकी विकास को प्राथमिकता दी है। उनके प्रयासों से स्थापित यह केंद्र अब रसायन विज्ञान और पेट्रोकेमिकल्स के क्षेत्र में अगली पीढ़ी के विशेषज्ञों को तैयार करेगा।​

( बाएं से )निदेशक प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल, प्रोफेसर जयंत कुमार सिंह और जगजीत सिंह बिंद्रा

उद्घाटन और नेतृत्व

​केंद्र का शुभारंभ स्वयं जगजीत सिंह बिंद्रा, संस्थान के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल और प्रो. जयंत कुमार सिंह द्वारा किया गया। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कमान प्रो. जयंत कुमार सिंह को सौंपी गई है, जो इस सेंटर के कोआर्डिनेटर के रूप में कार्य करेंगे। इस परियोजना को भारत सरकार के रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।​

क्यों खास है यह सेंटर?​

विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती जनसंख्या और आधुनिक जीवनशैली (पर्सनल केयर, एग्रोकेमिकल्स, ऑयल सेक्टर) के कारण स्पेशलिटी केमिकल्स की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। यह सेंटर मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:​

स्वदेशी उत्पादन: ग्रीन और स्पेशलिटी सरफैक्टेंट्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना।

डिजिटल प्लेटफॉर्म: स्पेशलिटी केमिकल इनोवेशन के लिए आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करना।

नए उपयोग: सरफैक्टेंट्स और पॉलीमरिक फिल्म्स के नए प्रयोगों की खोज, जिससे प्रदूषण कम हो और कार्यक्षमता बढ़े।​

इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ​

सेंटर में होने वाली रिसर्च का व्यापक असर कई महत्वपूर्ण उद्योगों पर पड़ेगा:​हेल्थकेयर और पर्सनल केयर: सुरक्षित और बेहतर रसायनों का विकास।​

एग्रोकेमिकल्स: खेती के लिए अधिक प्रभावी समाधान।​ऑयल रिकवरी: तेल निष्कर्षण की उन्नत तकनीकें।​पर्यावरण सुधार: सस्टेनेबल और इको-फ्रेंडली केमिकल विकल्पों की खोज।​

आईआईटी कानपुर का यह केंद्र न केवल जगजीत सिंह बिंद्रा की अपनी मातृसंस्था के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, बल्कि यह भारत के औद्योगिक परिदृश्य में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘सस्टेनेबिलिटी’ के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।

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