G-INews, NewDelhi: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि भारतजेन (BharatGen) — भारत का पहला स्वदेशी (सॉवरेन) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल — इस महीने के अंत तक संविधान में मान्यता प्राप्त सभी 22 भारतीय भाषाओं में अपने टेक्स्ट मॉडल पूरे कर लेगा।

भारतजेन परियोजना की शुरुआत 2024 में की गई थी और इसका नेतृत्व आईआईटी बॉम्बे कर रहा है। यह पहल भारत सरकार के IndiaAI मिशन के तहत विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं, संस्कृति और सामाजिक संदर्भ के अनुरूप एआई तकनीक विकसित करना है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारतजेन केवल टेक्स्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मल्टीमॉडल एआई प्लेटफॉर्म है, जिसमें टेक्स्ट, स्पीच (वॉयस) और विज़न (इमेज/वीडियो) से जुड़ी क्षमताएं शामिल हैं। फिलहाल इसके स्पीच और विज़न मॉडल 15 भारतीय भाषाओं में पहले से ही उपलब्ध हैं और उनका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि भारतजेन का मुख्य उद्देश्य डिजिटल समावेशन (Digital Inclusion) को बढ़ावा देना है, ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग अपनी मातृभाषा में एआई तकनीक का लाभ उठा सकें। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव की उम्मीद है। भारतजेन को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल विदेशी एआई मॉडल्स पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि भारतीय भाषाओं और जरूरतों के अनुसार विकसित एक मजबूत राष्ट्रीय एआई प्लेटफॉर्म भी तैयार करेगी। टेक्स्ट मॉडल्स के सभी 22 भाषाओं में पूरा होने के बाद, आने वाले समय में भारतजेन के स्पीच और विज़न फीचर्स को भी सभी भाषाओं में विस्तार देने की योजना है।






