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G-INews, KANPUR: उत्तर प्रदेश का औद्योगिक केंद्र कानपुर अब एक नई पहचान गढ़ रहा है— ‘एआई शक्ति केंद्र’। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने तकनीकी नवाचार की दिशा में एक मौन क्रांति की शुरुआत की है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के दूरदर्शी नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को केवल एक विषय नहीं, बल्कि एक संस्थागत मिशन बना दिया है।
हर छात्र, हर विषय में एआई: एक अनूठी पहल
आमतौर पर एआई को केवल इंजीनियरिंग या कंप्यूटर साइंस तक सीमित माना जाता है, लेकिन CSJMU ने इस धारणा को तोड़ दिया है। विश्वविद्यालय ने ‘एआई फॉर ऑल’ का दर्शन अपनाते हुए इसे कला, वाणिज्य और सामाजिक विज्ञान जैसे पारंपरिक विषयों का हिस्सा बनाया है।
- व्यापक प्रशिक्षण: शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 2.5 लाख से अधिक स्नातक छात्रों को एआई में प्रशिक्षित किया गया।
- अनिवार्य पाठ्यक्रम: एनईपी (NEP) के तहत क्रिएटिव राइटिंग, साइंस और कॉमर्स के लिए विशेष एआई मॉड्यूल शुरू किए गए हैं।
- एजेंटिक एआई: विश्वविद्यालय अब ‘एजेंटिक एआई’ पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जहाँ शिक्षक खुद एआई एजेंट विकसित कर रहे हैं।
वैश्विक साझेदारी और सुपरकंप्यूटिंग की शक्ति
CSJMU ने अपनी तकनीकी अवसंरचना को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया है। विश्वविद्यालय में एनवीडिया (NVIDIA) समर्थित सुपरकंप्यूटिंग हब की स्थापना की गई है, जो किसी भी राज्य विश्वविद्यालय के लिए एक मील का पत्थर है।
- अल्टेयर (सीमेंस) के साथ समझौता: छात्रों को 1 करोड़ रुपये से अधिक के डेटा साइंस सॉफ्टवेयर निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं।
- आईआईटी कानपुर व माइक्रोसॉफ्ट के साथ सहयोग: शोध और व्यावहारिक कौशल के लिए IIT कानपुर के C3iHub और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
रोजगार और सामाजिक प्रभाव पर केंद्रित विजन
विश्वविद्यालय का मुख्य लक्ष्य डिग्री के साथ-साथ ‘प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो’ तैयार करना है। अब तक 10 हजार से अधिक छात्र एआई और साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रमों से लाभान्वित होकर प्लेसमेंट के लिए तैयार हो चुके हैं।
एआई के व्यावहारिक प्रयोग:
- होस्टल मैनेजमेंट: भोजन की बर्बादी रोकने के लिए एआई सिस्टम।
- मीडिया प्रबंधन: सूचनाओं के सुचारु प्रवाह के लिए एआई एजेंट।
- सामाजिक समाधान: बोलने में असमर्थ व्यक्तियों के लिए भाषा-सहायता उपकरण






