IIT Kanpur के गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (GSMST) में इसी साल शुरू होगी पढ़ाई जाने स्कूल का पूरा प्लान

G-INews, KANPUR: आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur का गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (GSMST) भारत में चिकित्सा और इंजीनियरिंग के संगम की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह संस्थान केवल एक मेडिकल कॉलेज नहीं, बल्कि एक भविष्योन्मुखी शोध और स्वास्थ्य सेवा केंद्र है।​ 500 बेड के यदुपति सिंहानिया अस्पताल के साथ यह 50 बेड वाले कैंसर शोध संस्थान के तौर पर भी पहचाना जाएगा। इस स्कूल में जुलाई 2026 से कक्षाएं शुरू होने जा रही हैं।

1. स्थापना और पृष्ठभूमि ​आधारशिला:

इसकी आधारशिला 16 जुलाई 2022 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा रखी गई थी।​प्रमुख दानदाता: इसका नाम आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और इंडिगो एयरलाइंस के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने इसकी स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का योगदान दिया।​उद्देश्य: चिकित्सा अनुसंधान (Medical Research) और तकनीकी नवाचार (Technology Innovation) को एक साथ लाना ताकि स्वास्थ्य समस्याओं के किफायती समाधान विकसित किए जा सकें।

​2. प्रमुख बुनियादी ढांचा (Infrastructure)​स्कूल के परिसर में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल होंगी:​यदुपति सिंहानिया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल: प्रथम चरण में यह 500 बिस्तरों वाला अस्पताल होगा, जिसमें ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी जैसे विभाग होंगे।

​कैंसर देखभाल और अनुसंधान केंद्र: कैंसर के इलाज और उससे संबंधित उन्नत शोध के लिए एक समर्पित 50 बेड का केंद्र।

​इंजीनियरिंग ब्लॉक और अनुसंधान केंद्र: जहाँ इंजीनियर और डॉक्टर मिलकर नई मेडिकल मशीनों और उपकरणों पर काम करेंगे।​

प्रोजेक्ट ‘हृदयंत्र’ (Hridyantra): यह इस स्कूल का एक प्रमुख प्रोजेक्ट है, जिसके तहत एक किफायती और उन्नत कृत्रिम हृदय (Artificial Heart) विकसित किया जा रहा है।​

3. शैक्षणिक योजनाएँ (Academic Plans)​यह संस्थान इंजीनियरिंग और चिकित्सा के छात्रों को एक साथ पढ़ने और शोध करने का अवसर देगा।​शुरुआत: शैक्षणिक कार्यक्रम और बायोमेडिकल रिसर्च जुलाई 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।​

कोर्स: यहाँ पीजी (Postgraduate) स्तर पर DM, MCh, MS और PhD जैसे ट्रांसडिसिप्लिनरी प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।​

भविष्य की योजना: संस्थान भविष्य में MBBS पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी विचार कर रहा है, जो तकनीकी शिक्षा से लैस होगा।​

4. भविष्य के लक्ष्य और चरणबद्ध विकास​परियोजना को दो मुख्य चरणों में बांटा गया है:

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