कानपुर : देश के शहरों को साफ – सुथरा बनाने और वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने के अभियान में आइआइटी कानपुर के 32 नए स्टार्टअप शामिल हो गए हैं। केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की आइआइटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनावेशन सेंटर (एसआइआइसी) के साथ साझेदारी में स्टार्टअप के दूसरे समूह का लांच गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप कान्क्लेव में आवास एवं शहरी मामल्रों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया है।
इस मौके पर राज्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन -अर्बन ने पिछले एक दशक में भारत के वेस्ट मैनेजमेंट लैंडस्केप को बदल दिया है। स्वच्छता अभियान ने पुराने तरीकों को छोड़कर अत्याधुनिक तकनीकी संचालित सिस्टम को अपनाया है। इस बदलाव में स्टार्टअप के नए आइडिया की भूमिका अहम है। नए टूल्स और टेक्नोलाजी के ज़रिये शहरों को सस्टेनेबिलिटी और सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने में नए स्टार्टअप मदद कर रहे हैं। दूसरे चरण में मिशन वेस्ट सेग्रीगेशन, रीसाइक्लिंग, सर्कुलर इकानमी माडल और सैनिटेशन वर्कर्स के लिए बेहतर सुरक्षा मानकों के साथ कूड़ा मुक्त शहर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। 2022 में स्वच्छता स्टार्टअप चैलेंज के तहत 230 से ज़्यादा आवेदन मिले थे जिसमें 30 स्टार्टअप को फंडिंग और मेंटरशिप के लिए चुना गया। इन स्टार्टअप ने तब से अच्छे नतीजे दिए हैं और अब तक 300 लाख लीटर से ज़्यादा गंदे पानी को शुद्ध किया। 63,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा कचरे का प्रबंधन किया जबकि 15,000 मीट्रिक टन सड़क का कचरा साफ़ किया, और 200 मीट्रिक टन बायोडिग्रेडेबल कचरे का निपटारा किया है। इन सबने मिलकर 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की वैल्यूएशन हासिल की है और 2,000 से ज़्यादा नौकरियां दी हैं।दूसरे बैच में 400 से ज़्यादा आवेदन मिले थे जिनमें 32 स्टार्टअप को चुना गया है।






