G-INews, KANPUR: आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप LCB Fertilizers ने उत्तर प्रदेश में जैविक क्रांति की नई आधारशिला रखी है। महिलाओं के नेतृत्व वाले किसान संगठन भू स्वामिनी के साथ मिलकर एनसीबी फर्टिलाइजर अब जैविक खाद का उत्पादन करेगा जिससे किसानों को अधिक गुणवत्ता वाली जैविक खाद से कृषि उत्पाद उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) से संबद्ध महिला किसानों के संघ ‘भूस्वामिनी’ और आईआईटी कानपुर द्वारा इन्क्यूबेटेड डीप-टेक स्टार्टअप ‘LCB Fertilizers’ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं।

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य महिला नेतृत्व वाले किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से फसल-विशेष माइक्रोबियल जैविक उर्वरकों का निर्माण करना है।
10 जिलों में स्थापित होंगी आधुनिक निर्माण इकाइयाँ
इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश के 10 चयनित जिलों में जैविक उर्वरक निर्माण इकाइयाँ लगाई जाएंगी। ये इकाइयाँ न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करेंगी, बल्कि किसानों को सस्ता और प्रभावी जैविक विकल्प भी प्रदान करेंगी।
इन जिलों में शुरू होगी परियोजना:
अलीगढ़, सुल्तानपुर, बस्ती, वाराणसी, मिर्ज़ापुर, प्रयागराज, बहराइच, बाँदा, हमीरपुर और लखीमपुर खीरी।
- उत्पादन क्षमता: मांग के अनुसार 25 टन से 150 टन प्रति माह।
- तकनीकी सहयोग: LCB Fertilizers द्वारा डीप-टेक माइक्रोबियल और नैनो-टेक्नोलॉजी आधारित समाधान प्रदान किए जाएंगे।
TRIF और भूस्वामिनी: टिकाऊ कृषि की नई इबारत
यह संपूर्ण परियोजना Transforming Rural India Foundation (TRIF) के सहयोग से जमीन पर उतारी जा रही है। भूस्वामिनी FPC वर्तमान में न केवल उर्वरक, बल्कि गुड़ उत्पादन, हार्डनिंग सेंटर और कार्बन सिंक (कार्बन उत्सर्जन प्रबंधन) जैसे नवाचारों पर भी कार्य कर रही है।
इस समझौते के बड़े लाभ:
- महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी निर्माण और प्रबंधन से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।
- पर्यावरण संरक्षण: रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाना।
- किफायती समाधान: स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से किसानों को कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले जैविक खाद मिलेंगे।






