JEE Main 2026: परीक्षा केंद्रों पर AI से होगी पहचान, NTA ने जारी किए बायोमेट्रिक सुरक्षा के कड़े नियम

G-INews, New Delhi : 21 जनवरी से शुरू होने वाली JEE Main 2026 (सत्र 1) की परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। इस बार परीक्षा में धोखाधड़ी और किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा देने (Impersonation) जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ‘मल्टी-लेवल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन’ और AI-आधारित फेशियल रिकॉग्निशन (चेहरा पहचान प्रणाली) को अनिवार्य कर दिया गया है।​

परीक्षा के दिन की आधिकारिक प्रक्रिया: 4 चरणों में सुरक्षा जाँच​परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले प्रत्येक छात्र को इन चार चरणों से गुजरना होगा:​दस्तावेज सत्यापन: उम्मीदवारों को JEE Main 2026 एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी और एक मूल फोटो पहचान पत्र (आधार, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट) दिखाना होगा। मोबाइल में डिजिटल आईडी या फोटोकॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी।​

फिंगरप्रिंट स्कैनिंग: बायोमेट्रिक कियोस्क पर उंगलियों के निशान लिए जाएंगे, जिनका मिलान पंजीकरण के समय दिए गए डाटा से वास्तविक समय (Real-time) में किया जाएगा।

फेशियल रिकॉग्निशन (2026 से नया): पहली बार, NTA चेहरे की पहचान के लिए AI का उपयोग कर रहा है। केंद्र पर छात्र की लाइव फोटो ली जाएगी और उसका मिलान आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो और आधार डेटाबेस से किया जाएगा।​

सघन तलाशी (Frisking): बायोमेट्रिक जांच के बाद, मेटल डिटेक्टर से गहन तलाशी ली जाएगी ताकि कोई भी प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अंदर न जा सके।​छात्रों के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश (Do’s and Don’ts)​NTA ने तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए सख्त हिदायत दी है:​

मेहंदी या स्याही न लगाएं: उंगलियों पर मेहंदी, स्याही या कोई रसायन न लगाएं। इससे फिंगरप्रिंट मिसमैच हो सकता है और आपको परीक्षा से वंचित किया जा सकता है।​

दिखावट में सादगी: भारी मेकअप या चेहरे पर ऐसे सामान न पहनें जिससे AI सॉफ्टवेयर को चेहरा पहचानने में दिक्कत हो।​

रिपोर्टिंग समय: बायोमेट्रिक प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए परीक्षा शुरू होने से कम से कम 2 घंटे पहले केंद्र पर पहुंचें।

​ड्रेस कोड: हल्के, आधी बाजू के कपड़े पहनें। बड़े बटन या ज़िप वाले कपड़े वर्जित हैं। जूते पहनकर न आएं, केवल सैंडल या स्लिपर ही पहनें।

​क्यों बदला गया नियम?

पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के बाद यह कदम उठाया गया है। NTA का उद्देश्य आधार-लिंक्ड प्रमाणीकरण के जरिए एक “टैम्पर-प्रूफ” (छेड़छाड़ मुक्त) वातावरण बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली लाखों छात्रों की कड़ी मेहनत की रक्षा करेगी।​परीक्षा के दिन के लिए क्विक चेकलिस्ट

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