G-INews ,New Delhi भारत की सुपरकंप्यूटिंग क्षमता में एक और बड़ा अध्याय जोड़ते हुए, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) में अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम रुद्र’ (PARAM Rudra) का उद्घाटन किया गया। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सचिव प्रो. अभय करंदीकर ने आज इस सुविधा का शुभारंभ किया।
पुणे स्थित सी-डैक (C-DAC) द्वारा स्थापित यह सिस्टम भारत की ‘मेक-इन-इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
’परम रुद्र’ की मुख्य विशेषताएं
क्षमता: यह सिस्टम 3 पेटा फ्लॉप्स (Peta FLOPS) की उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) क्षमता से लैस है, जो जटिल गणनाओं को पलक झपकते ही हल करने में सक्षम है।
स्वदेशी तकनीक: यह पूरी तरह से भारत में डिजाइन किए गए ‘रुद्र’ (Rudra) सर्वरों पर आधारित है। इसे सी-डैक के अपने सॉफ्टवेयर स्टैक द्वारा संचालित किया जा रहा है।

एडवांस कूलिंग: ऊर्जा दक्षता बनाए रखने के लिए इसमें Direct Contact Liquid Cooling (DCLC) तकनीक का उपयोग किया गया है, जो अधिक गर्मी पैदा होने पर भी सिस्टम को ठंडा रखती है।
अनुसंधान और नवाचार को मिलेगी नई दिशा
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि यह सुविधा न केवल आईआईटी बॉम्बे के 200 से अधिक संकायों और 1,200 छात्रों को सशक्त बनाएगी, बल्कि देशभर के शोधकर्ताओं के लिए भी उपलब्ध होगी।
इन क्षेत्रों में होगा क्रांति का संचार:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): जटिल मशीन लर्निंग मॉडल्स को ट्रेन करने में।
बायोटेक्नोलॉजी: दवाओं की खोज और जीनोम रिसर्च में।
उन्नत विनिर्माण: ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के सिम्युलेशन में।
स्टार्टअप्स: उद्योग-संचालित अनुसंधान के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करना।
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) का सफर
इस अवसर पर एनएसएम मिशन निदेशक डॉ. हेमंत दरबारी ने बताया कि ‘परम रुद्र’ के जुड़ने के साथ ही अब देश में कुल 38 सुपरकंप्यूटर चालू हो गए हैं, जिनकी सामूहिक क्षमता 44 पेटा फ्लॉप्स तक पहुंच गई है।
मेइटी (MeitY) की ग्रुप कोऑर्डिनेटर स सुनीता वर्मा ने जोर दिया कि यह मील का पत्थर भारत को एक्सास्केल कंप्यूटिंग (Exascale Computing) की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






