G-INews Kanpur : 9 जनवरी 2026
भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) ने अपने ट्रेनिंग सिस्टम में एक क्रांतिकारी बदलाव करते हुए ‘ई-डायरी’ (डिजिटल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग डायरी) को अनिवार्य कर दिया है। 1 जनवरी 2026 से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (आर्टिकलशिप) शुरू करने वाले सभी सीए छात्रों के लिए अब अपनी रोजाना की अटेंडेंस, वर्किंग ऑवर्स और किए गए कार्यों का हिसाब डिजिटल पोर्टल पर देना होगा।
तकनीक से आएगी पारदर्शिता और एकरूपता
ICAI के बोर्ड ऑफ स्टडीज और स्टूडेंट सर्विसेज निदेशालय द्वारा शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य ट्रेनिंग में पारदर्शिता लाना और छात्रों की ‘स्किल मैपिंग’ करना है। अब तक आर्टिकलशिप का रिकॉर्ड अक्सर कागजों तक सीमित रहता था, लेकिन अब तकनीक के माध्यम से इसकी डिजिटल निगरानी की जाएगी।
ई-डायरी की मुख्य विशेषताएं:
- डेली रिपोर्टिंग: छात्रों को ऑडिट, जीएसटी, इनकम टैक्स और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग जैसे कार्यों की विस्तृत जानकारी दर्ज करनी होगी।
- स्टाइपेंड ट्रैकिंग: छात्रों को हर महीने मिलने वाले स्टाइपेंड की जानकारी भी देनी होगी, जिससे संस्थान यह सुनिश्चित कर सकेगा कि छात्रों को उचित मानदेय मिल रहा है या नहीं।
- 15 दिनों का चक्र: ट्रेनीज को हर 15 दिन में अपना वर्क-डिटेल सबमिट करना होगा। सिस्टम अधूरी एंट्रीज को ऑटोमैटिक तरीके से ‘फ्लैग’ (चिह्नित) कर देगा।
- प्रिंसिपल का रिव्यू: सबमिट की गई एंट्रीज को संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट (प्रिंसिपल) रिव्यू करेंगे। यदि 7 दिनों के भीतर प्रिंसिपल कोई एक्शन नहीं लेते हैं, तो सिस्टम उसे ‘ऑटो-अप्रूव्ड’ मान लेगा।
SSP पोर्टल के जरिए एक्सेस
छात्र अपने मौजूदा सेल्फ-सर्विस पोर्टल (SSP) लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके ई-डायरी एक्सेस कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म छात्रों को पिछली एंट्रीज देखने, रिकॉर्ड एडिट करने और अपने अप्रूवल स्टेटस को ट्रैक करने की सुविधा भी देता है।
प्रिंसिपल्स (CA) को भी होगा लाभ
संस्थान के अनुसार, यह डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि ट्रेनिंग देने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए भी फायदेमंद है। प्रिंसिपल्स को अब अपने ट्रेनीज की अटेंडेंस, प्रोफाइल और उनके द्वारा किए गए कार्यों की रियल-टाइम जानकारी एक ही डैशबोर्ड पर मिल सकेगी। इससे ऑफिस मैनेजमेंट और वर्क-अलॉटमेंट में आसानी होगी।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल बदलाव के इस दौर में सीए छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना जरूरी है। इस नए सिस्टम से यह सुनिश्चित होगा कि छात्र केवल नाम के लिए आर्टिकलशिप न करें, बल्कि वे वास्तव में उन स्किल्स को सीखें जिनकी मांग बाजार में है।








