स्वदेशी 6-G तकनीक के लिए IIT Kanpur करेगा Research , डिपार्टमेंट आफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने मिलाया हाथ

उन्नत टेलीकॉम तकनीक और वैश्विक मानकीकरण के लिए TEC–IIT कानपुर के बीच समझौता

G-INews, New Delhi : डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) की तकनीकी शाखा टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) ने उन्नत दूरसंचार तकनीकों और वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों में सहयोग को लेकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कानपुर (IIT कानपुर) के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत संयुक्त अध्ययन, शोध और तकनीकी योगदान पर काम किया जाएगा।

भविष्य की संचार तकनीकों पर रहेगा फोकस

इस साझेदारी का प्रमुख उद्देश्य उभरती और भविष्य की संचार तकनीकों के लिए भारत-विशिष्ट मानक और परीक्षण ढांचे विकसित करना है। इनमें 6G, टेलीकॉम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क्स (NTNs), इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT), डिजिटल ट्विन, मेटावर्स और क्वांटम कम्युनिकेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं।

वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका होगी मज़बूत

मंत्रालय के अनुसार, यह सहयोग ITU-T, ITU-R, 3GPP और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण एवं रेडियोकम्युनिकेशन निकायों में भारत की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका लक्ष्य वैश्विक मानक-निर्धारण प्रक्रियाओं में भारत के प्रभाव को सशक्त करना है।

सहयोग के प्रमुख क्षेत्र -इस MoU के अंतर्गत निम्नलिखित क्षेत्रों में संयुक्त कार्य किया जाएगा:6G आर्किटेक्चर और सक्षम तकनीकों पर शोध, प्री-स्टैंडर्डाइजेशन और स्टैंडर्डाइजेशन गतिविधियाँ4G, 5G, LTE-A, NB-IoT और भविष्य के नेटवर्क्स के लिए आर्किटेक्चर, सिग्नलिंग, प्रोटोकॉल और इंटरऑपरेबिलिटी टेस्टिंगAI/ML आधारित नेटवर्क ऑटोमेशन और इंटेलिजेंट मैनेजमेंट, जिसमें AI-नेटिव नेटवर्क्स के लिए रोडमैप तैयार करनाएडवांस्ड एंटीना सिस्टम, मैसिव MIMO और रेडियो एक्सेस टेक्नोलॉजी में संयुक्त शोधसैटेलाइट कम्युनिकेशन, NTNs, HAPS और सैटेलाइट-टेरेस्ट्रियल इंटीग्रेशन पर अध्ययन, जिसमें आपदा-प्रतिरोधी और आपातकालीन कनेक्टिविटी समाधान शामिल हैं.

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बल

DoT के अनुसार, यह साझेदारी ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक होगी। स्वदेशी अनुसंधान, डिजाइन और विनिर्माण को प्रोत्साहित करते हुए यह सहयोग भारत-विशिष्ट मानक और घरेलू समाधान विकसित करेगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और देश के महत्वपूर्ण संचार बुनियादी ढांचे की सुरक्षा मज़बूत होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि TEC और IIT कानपुर के बीच यह रणनीतिक सहयोग भारत को अगली पीढ़ी की टेलीकॉम तकनीकों और वैश्विक मानकीकरण में अग्रणी भूमिका दिलाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।

टेलीकॉम और 6G रिसर्च में IITKANPUR की अग्रणी भूमिका

IIT कानपुर देश के उन चुनिंदा संस्थानों में है जहाँवायरलेस कम्युनिकेशन, RF सिस्टम, सिग्नल प्रोसेसिंग, नेटवर्क थ्योरी औरAI-आधारित नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशनपर दशकों से गहन शोध हो रहा है।संस्थान के पास 6G, NTNs, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और AI-नेटिव नेटवर्क्स से जुड़े मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च ग्रुप्स सक्रिय हैं, जो इस MoU के विषयों से सीधे मेल खाते हैं।

राष्ट्रीय स्तर के टेक्नोलॉजी सेंटरों का अनुभव

IIT कानपुर पहले से हीDoT,MeitY,DST,DRDOजैसे मंत्रालयों के साथ संवेदनशील और रणनीतिक तकनीकी प्रोजेक्ट्स पर काम करता रहा है।इससे यह संस्थान सरकारी नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और रेगुलेटरी जरूरतों को अकादमिक रिसर्च से जोड़ने की क्षमता रखता है — जो TEC के लिए अनिवार्य है।

ग्लोबल स्टैंडर्डाइजेशन में पूर्व योगदान

IIT कानपुर के फैकल्टी और रिसर्चर्स का ITU, 3GPP, IEEEजैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रिसर्च पेपर्स, तकनीकी इनपुट और वर्किंग ग्रुप्स में सक्रिय योगदान रहा है।इस अनुभव के कारण IIT कानपुर भारत का पक्ष तकनीकी भाषा और वैश्विक मानकों में प्रभावी ढंग से रख सकता है — यही TEC का मूल उद्देश्य है।

इंडस्ट्री–अकादमिक–सरकार त्रिकोण में दक्षता

IIT कानपुर का मॉडल केवल अकादमिक नहीं है। संस्थान के पास:मज़बूत इंडस्ट्री कोलैबोरेशन,स्टार्टअप और डीप-टेक इनक्यूबेशन इकोसिस्टम,और टेस्टिंग व प्रोटोटाइपिंग सुविधाएँ हैं।इससे रिसर्च केवल पेपर तक सीमित न रहकर स्टैंडर्ड, टेस्टिंग फ्रेमवर्क और व्यावहारिक समाधान तक पहुँचती है — जो TEC की भूमिका से सीधा जुड़ा है।

आत्मनिर्भर भारत से सीधा जुड़ाव

IIT Kanpur लंबे समय से स्वदेशी हार्डवेयर,नेटवर्क सिक्योरिटी,क्वांटम टेक्नोलॉजी,और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शनपर काम कर रहा है।इसलिए भारत-विशिष्ट टेलीकॉम मानक विकसित करने और आयात निर्भरता घटाने के आत्मनिर्भर भारत लक्ष्य के लिए यह संस्थान स्वाभाविक साझेदार बनता है।

नीति-निर्माण में भरोसेमंद अकादमिक साझेदार

सरकार ऐसे संस्थानों को चुनती है जो:राजनीतिक रूप से तटस्थ,तकनीकी रूप से विश्वसनीय,और दीर्घकालिक नीति सहयोग में सक्षम हों। IIT Kanpur इस कसौटी पर खरा उतरता है, इसलिए TEC को इसके साथ औपचारिक ढाँचे में काम करने का भरोसा मिला।IIT Kanpur का चयन प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि उसकी गहरी तकनीकी क्षमता, वैश्विक मानकीकरण अनुभव और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से मेल खाने के कारण हुआ है।यह साझेदारी संकेत देती है कि भारत अब केवल तकनीक अपनाने वाला नहीं, बल्कि वैश्विक टेलीकॉम मानक तय करने वाला देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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