GIN, Kanpur : कोरिया को आईआईटी कानपुर के नवाचार खूब पसंद आए। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आईआईटी कानपुर के 32 स्टार्टअप ने क्लीनटेक और सस्टेनेबिलिटी सेक्टर में अपनी तकनीक व नवाचार का प्रदर्शन किया। जिसमें अधिकांश नवाचार कोरियन को पसंद आए। उन्होंने विभिन्न स्टार्टअप के फाउंडर को लुभावने ऑफर देने के साथ नई चुनौतियों से भी अवगत कराया। कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही कुछ स्टार्टअप को कोरिया में अपना नवाचार दिखाने व बाजार तक पहुंचने का मौका मिलेगा।
नई दिल्ली में यूनिकॉर्न इंक्यूबेटर की मदद से आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें विशेषज्ञों के अलावा कोरिया के प्रमुख कंपनी एमवायएससी और अमोरेपैसिफिक के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रमुख रूप से क्लीनटेक और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े स्टार्टअप ने अपने नवाचार का प्रदर्शन किया। जिससे विभिन्न चुनौतियों में उच्च क्षमता वाले टिकाऊ समाधान किए जा सके। इसमें मुख्य रूप से जलसेवक, कृत्स्नम, साइकिल स्प्रिट, ग्रीन टेक, इंडिया एक्शन प्रोजेक्ट, प्रयास, पेसिंग ग्रास, क्लाइमेक लैब्स, स्वासवायु आदि स्टार्टअप ने अपनी तकनीक का प्रदर्शन किया। जिसमें मुख्य रूप से स्वच्छता को तकनीक की मदद से प्रभावी बनाने, प्लास्टिक के स्थान पर बायोडिग्रडेबल प्लास्टिक, प्लास्टिक का विकल्प घास या अन्य कचरे से तैयार उत्पाद को बनाना, बायोफाइबर, पानी की बचत और उसकी रियल टाइम मॉनीटरिंग जैसे नवाचार का प्रदर्शन किया गया।
एसआईआईसी के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. दीपू फिलिप ने कहा कि क्लीनटेक सेक्टर के सभी स्टार्टअप ने अपनी तकनीक व नवाचार का प्रदर्शन किया था। कोरियन कंपनी व प्रतिनिधियों को अधिकांश नवाचार पसंद आए हैं। जल्द अच्छे ऑफर मिलने की उम्मीद है।






