Prof Sanjay Mittal — एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के शिखर पुरुषप्रोफेसर संजय मित्तल केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि कंप्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स (CFD) के क्षेत्र में दुनिया के गिने-चुने विशेषज्ञों में से एक हैं। आईआईटी कानपुर में उनके योगदान ने भारत को एयरोस्पेस अनुसंधान के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है। उनको एशिया पैसिफिक एसोसिएशन फॉर कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स (APACM) द्वारा प्रतिष्ठित ‘कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है।यह सम्मान ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में आयोजित ‘9वीं एशिया-पैसिफिक कांग्रेस ऑन कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स (APCOM 2025)’ के उद्घाटन समारोह के दौरान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में प्रोफेसर मित्तल के गहन और निरंतर योगदान को रेखांकित करता है, क्योंकि यह सम्मान हर तीन साल में केवल एक बार दिया जाता है। ब्रिस्बेन में यह सम्मान प्राप्त कर प्रोफेसर मित्तल उन चुनिंदा वैश्विक वैज्ञानिकों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं जिन्हें उनकी तकनीकी महारत और नेतृत्व के लिए पहचाना जाता है।
हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में एक मिसाल
प्रोफेसर मित्तल का शोध उन्नत गणित और तीव्र गति वाले विमानन (Aerospace) के बीच के महत्वपूर्ण संयोजन पर आधारित है। उन्होंने कंप्यूटर सिमुलेशन के माध्यम से तरल पदार्थों की गतिशीलता (Fluid Dynamics) और विमानों की संरचनात्मक मजबूती को समझने के तरीकों को नई दिशा दी है।उनके शोध के मुख्य क्षेत्र:अनस्टेडी एरोडायनामिक्स: उड़ान की स्थिरता को प्रभावित करने वाले जटिल वायु पैटर्न को समझना।फ्लो-इंड्यूस्ड वाइब्रेशंस: यह अनुमान लगाना कि हवा के दबाव से पुल या विमान के पंख जैसी संरचनाएं कैसे प्रतिक्रिया करती हैं, ताकि बड़े हादसों को रोका जा सके।हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC): विशाल यांत्रिक समीकरणों को हल करने के लिए सुपर कंप्यूटर का उपयोग करना।
1. शोध का केंद्र: ‘हवा की हलचल’ को समझनाप्रोफेसर मित्तल का मुख्य कार्य फ्लूइड-स्ट्रक्चर इंटरैक्शन (FSI) पर केंद्रित है। सरल शब्दों में, वे यह अध्ययन करते हैं कि जब हवा या पानी जैसी चीजें किसी ठोस वस्तु (जैसे विमान का पंख या ऊंची इमारत) से टकराती हैं, तो वह वस्तु कैसे व्यवहार करती है।ब्लंट बॉडी एरोडायनामिक्स: उन्होंने यह समझने में महारत हासिल की है कि गैर-सुव्यवस्थित आकार (जैसे इमारतें या पुल) हवा के थपेड़ों को कैसे झेलते हैं।खेल विज्ञान में योगदान: उन्होंने क्रिकेट की गेंदों की ‘स्विंग’ और फुटबॉल की गति के पीछे के भौतिक विज्ञान (Physics) पर भी गहरा शोध किया है, जो काफी चर्चा में रहा है।
2. सुपरकंप्यूटिंग और नवाचारवे भारत में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) के शुरुआती पैरोकारों में से एक हैं। जटिल गणितीय समीकरणों को हल करने के लिए उन्होंने सुपर कंप्यूटर का उपयोग किया, जिससे विमानों के डिजाइन को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाया जा सका। उनकी लैब में होने वाले सिमुलेशन इतने सटीक होते हैं कि वे वास्तविक उड़ान की स्थितियों का डिजिटल रूप में ही परीक्षण कर लेते हैं।
3. उपलब्धियां और सम्मान : प्रोफेसर मित्तल का करियर असाधारण सफलताओं से भरा है:शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार: विज्ञान के क्षेत्र में भारत का सर्वोच्च सम्मान।IASc, INSA, NASI फेलो: वे भारत की तीनों प्रमुख विज्ञान अकादमियों के निर्वाचित फेलो हैं।G.D. Birla Award: वैज्ञानिक अनुसंधान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए।
APACM अवार्ड (2025): हाल ही में ब्रिस्बेन में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान।4. एक समर्पित मार्गदर्शकआईआईटी कानपुर के गलियारों में प्रोफेसर मित्तल अपनी विनम्रता और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सैकड़ों शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है जो आज दुनिया के अग्रणी अंतरिक्ष संस्थानों (जैसे ISRO, NASA और Boeing) में काम कर रहे हैं।प्रोफेसर मित्तल का मानना है: “विज्ञान का असली उद्देश्य जटिल समस्याओं का सरल और प्रभावी समाधान खोजना है, जिससे मानवता और देश की प्रगति हो सके।






