CSE की जंग: JEE Main 2026 में 14 लाख छात्रों की दावेदारी, टॉप NITs में प्रवेश के लिए मचेगी होड़​

G-INews, New Delhi : —भारत के शीर्ष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NITs) में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) की सीट पाना अब किसी ‘बैटल रॉयल’ से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप टॉप-5 NITs में कंप्यूटर साइंस चाहते हैं, तो आपकी तैयारी 250+ अंकों के लक्ष्य पर आधारित होनी चाहिए।​ पिछले साल के मुकाबले इस साल 1 लाख से ज्यादा छात्रों ने JEE Main के लिए अपना पंजीकरण कराया है

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले छात्रों के लिए चुनौतियां अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं। JEE Main 2026 के जनवरी सत्र के पंजीकरण के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। इस साल रिकॉर्ड 14 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है, जो इसे अब तक की सबसे कठिन प्रतियोगिता बनाता है।​

नंबर 1 का ताज: NIT तिरुचिरापल्ली (Trichy)​NIT त्रिची आज भी छात्रों की पहली पसंद बना हुआ है। यहाँ CSE ब्रांच के लिए प्रतिस्पर्धा इतनी कड़ी है कि सामान्य श्रेणी के छात्रों को सुरक्षित महसूस करने के लिए 245 से 275 अंकों के बीच स्कोर करना होगा।​

NIT त्रिची: श्रेणी-वार अनुमानित कट-ऑफ (CSE):​

सामान्य (General): 245 – 275 अंक​EWS: 240 – 260 अंक​OBC: 235 – 255 अंक​SC: 195 – 205 अंक​ST: 190 – 195 अंक

वारंगल और सुरथकल: जहाँ एक-एक अंक की है कीमत​NIT वारंगल और NIT सुरथकल को अपनी बेहतरीन प्लेसमेंट और एकेडमिक्स के लिए जाना जाता है। इन दोनों संस्थानों के लिए कट-ऑफ लगभग एक समान रहती है।

​”जब 14 लाख छात्र परीक्षा दे रहे हों, तो एक गलत उत्तर आपकी रैंक को हजारों पायदान नीचे धकेल सकता है। सटीकता (Accuracy) ही सफलता की कुंजी है।” — शिक्षा विशेषज्ञ

इलाहाबाद, राउरकेला और जयपुर: कड़ी टक्कर

​MNNIT इलाहाबाद, NIT राउरकेला और MNIT जयपुर भी CSE के लिए टॉप चॉइस बने हुए हैं। यहाँ प्रवेश के लिए भी छात्रों को पसीना बहाना होगा, क्योंकि सामान्य वर्ग के लिए 225 से कम अंक पर सीट मिलना मुश्किल नजर आ रहा है।

  • सामान्य: 225 – 230 अंक
  • EWS: 220 – 225 अंक
  • OBC: 210 – 220 अंक
  • SC/ST: 140 – 155 अंक

सफलता का मंत्र: रणनीति और निरंतरता

​1.34 लाख से अधिक छात्रों के जनवरी सत्र में बैठने के बाद अब सारा ध्यान अप्रैल सत्र पर है। यदि आप टॉप NIT में जाना चाहते हैं, तो ये बातें याद रखें:

  • मॉक टेस्ट (Mock Tests): नियमित अभ्यास से ही समय प्रबंधन और दबाव झेलने की क्षमता विकसित होगी।
  • रणनीतिक लक्ष्य: केवल पास होना काफी नहीं है, 99.5+ पर्सेंटाइल का लक्ष्य रखें।
  • सही मार्गदर्शन: पिछले वर्षों के ट्रेंड्स को समझें और कमजोर विषयों पर अधिक ध्यान दें।

​अगले कुछ महीने लाखों छात्रों के भविष्य की दिशा तय करेंगे। क्या आप इस कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हैं?

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