G-INews Kanpur : चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, के कुलसचिव और निदेशक प्रशासन डा. नौशाद खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भाजपा के विधान परिषद सदस्य डा. अरुण पाठक ने उनकी नियुक्ति को फर्जी बताते हुए वित्तीय गड़बड़ियों संबंधी शिकायतों की जांच के लिए प्रमुख सचिव कृषि को पत्र लिखा है।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव समेत छह पदों पर काबिज डा. नौशाद खान को नियम विरुद्ध तरीके से शैक्षणिक पद का वेतन दिया जा रहा है। उनकी मूल नियुक्ति (एक्रिप) योजना मद में हुई है। शिकायत कर्ता डा. सुनील पांडेय ने नियुक्ति गड़बड़ी संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। इसकी जांच किसी बाहरी जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए। संलग्न पत्र के अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा डॉ नौशाद खान की नियुक्ति जिस विज्ञापन के जरिये हुई है उसमें विभिन्न पद नाम से कुल सात पदों पर आवेदन मांगे गए थे। साक्षात्कार एवं चयन भी सात पदों पर हुआ। इसमेंं डा. नौशाद शामिल नहीं थे। उन्हें राजनीतिक प्रभाव से बाद में आठवें पद चयनित किया गया जिसका विज्ञापन ही नहीं हुआ।

विधानसभा की याचिका समिति ने भी कठोर चेतावनी
दी विधानसभा की याचिका समिति ने भी डा. खान के खिलाफ कठोर चेतावनी जारी की है। उषा वाजपेई के केस में याचिका समिति के समक्ष तथ्य परक प्रपत्र प्रस्तुत ने किए जाने के संबंध में उत्तर प्रदेश शासन ने अपने पत्र दिनांक 6 नवंबर 2025 के द्वारा डॉक्टर नौशाद खान को सरकारी कार्य में घोर लापरवाही एवं शिथिलता बरतने का दोषी पाया है जिसके संबंध में उनका कठोर चेतावनी जारी की है।
शिकायत का आधार






