G-INEWS, Varanasi : — शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने कौशल विकास (Skill Development) के 121 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की घोषणा की है। सबसे खास बात यह है कि इन कोर्सेस के लिए छात्रों को एक भी रुपया फीस नहीं देनी होगी। विश्वविद्यालय ने ये सभी कोर्स भारत सरकार के SWAYAM पोर्टल पर उपलब्ध कराए हैं।
गणतंत्र दिवस पर ‘आत्मनिर्भर भारत’ को उपहार
BHU ने इन पाठ्यक्रमों के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 26 जनवरी 2026 निर्धारित की है। विश्वविद्यालय प्रशासन का लक्ष्य डिजिटल साक्षरता और प्रोफेशनल स्किल्स को देश के हर कोने, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाना है। इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गति देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
भाषा की बाधा खत्म: हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाईअक्सर देखा जाता है कि तकनीकी कोर्स अंग्रेजी में होने के कारण हिंदी माध्यम या ग्रामीण परिवेश के छात्र पीछे छूट जाते हैं। BHU ने इस समस्या का समाधान करते हुए इन 121 कोर्सेस को हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में तैयार किया है। इससे छात्र कठिन तकनीकी विषयों को अपनी मातृभाषा में आसानी से समझ सकेंगे।
क्या होगा इन कोर्सेस में खास?
इन पाठ्यक्रमों को BHU के अनुभवी प्रोफेसरों और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने मिलकर तैयार किया है। मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:विविध विषय: डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एंट्री, सॉफ्ट स्किल्स, एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) और विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल।
लचीलापन (Flexibility): छात्र अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी और कभी भी लॉग इन करके सीख सकते हैं।रोजगार के अवसर: ये कोर्स केवल सर्टिफिकेट के लिए नहीं, बल्कि छात्रों को सीधे जॉब मार्केट के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी:कोर्स की संख्या: 121फीस: शून्य (पूरी तरह निशुल्क)आवेदन की अंतिम तिथि: 26 जनवरी 2026
आधिकारिक पोर्टल: swayam.gov.in
कैसे करें आवेदन? इच्छुक छात्र बहुत ही सरल प्रक्रिया के माध्यम से इन कोर्सेस में अपना नामांकन करा सकते हैं: सरकारी पोर्टल swayam.gov.in पर जाएं। BHU द्वारा संचालित कोर्सेस की सूची खोजें।अपनी पसंद के कोर्स का चयन करें और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें।BHU की इस पहल से उन लाखों युवाओं को नया रास्ता मिलेगा जो संसाधनों के अभाव में महंगी कोचिंग या कोर्सेस नहीं कर पाते थे। अब घर बैठे ‘काशी’ के विद्वानों से हुनर सीखना संभव होगा।






